There may be new social media rules by the Government of India.

सरकार ने covid 19 महामारी को देखते हुए और बढ़ते प्रभाव के कारन इस समस्या को रोकने के लिए हवाई जहाज में यात्रा करने वालों के लिए नई नियम लागू किये है और यदि कोई यात्री सरकार द्वारा योजित हवाई यात्रा के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता है या माना करने पर भी नहीं मानता है तो ऐसे यात्री को 'अनियंत्रित यात्री' माना जाएगा, और वांछित रूप से अपराध का भागीदार माना जायेगा जिसका दंड उसे जुर्माने के रूप के या अन्य दंड के रूप में भी भुगतना पढ़ सकता है यह बात हवाई जहाज संचालक की नियंत्रण में होगी।
देश के जनता वासी उर्फ़ नागरिकों के लिए हवाई यात्रा महानिदेशालय (DGCA) ने शनिवार को अपने बयान में कहा की यात्रियों को उड़ान से पहले यात्रियों को covid-19 की दृष्टी से चेक किया जायेगा और देखा जायेगा की कोई भी किसी भी तरह की covid-19 की सुरक्षा के विरुद्ध प्रोटोकॉल का उल्लंघन ना कर रहा हो और यदि ऐसा करता पाया जाता है तो उसपे जुर्माने के साथ साथ अन्य उड़ानों से "डी-बोर्ड" भी किया जा सकता है और यदि वे विमान के अंदर ठीक से मास्क नहीं पहनते हैं या "कोविद -19 के नियमों का अनुपालन नहीं करते है और माना करने पर भी नहीं मानते है ऐसे लोगो को हवाई यात्रा के लिए प्रबंधित भी किया जा सकता है।
अगर कोई यात्री हवाई यात्रा के दौरान बार-बार चेतावनी के बावजूद प्रोटोकॉल का उल्लंघन करता है, तो यात्री को 'अनियुलर पैसेंजर' भी माना जाएगा।
डीजीसीए ने 13 मार्च दिन शनिवार को अपने अपने लिखित पत्र में कहा कि "यह देखा गया है कि हवाई यात्रा करने वाले कुछ यात्री 'कोविद -19 प्रोटोकॉल' का पालन नहीं करते हैं, जिसमें अनिवार्य रूप से मास्क पहनना और दोगज की दूरी आदि नियम जिसमे ठीक से शामिल है जो नाक के नीचे हर समय नहीं होता है। और मास्क का चेरे पे होने जो की आगमन के बाद हवाई अड्डे के साथ साथ प्रस्थान के समय भी हवाई अड्डे में प्रवेश करते वक्त हर समय covid-19 के नियमों का अनुपालन करना अनिवार्य है।
विमान वाहक और सुरक्षा को देखते हुए यह भी ध्यान दिया गया है कि कुछ लोग हवाई अड्डे में प्रवेश कुछ यात्री ठीक से मास्क नहीं पहनते हैं और न ही दोगज दूरी के नियम का पालन करते है और न हवाई अड्डे के परिसर में रहते हुए भी सामाजिक दूरी भी नहीं बनाए नहीं रखते हैं। और अगर यदि वे एस करते है तो हवाई यात्रा करने वाले यात्री जो इस सही ढंग से मास्क पहनने के नियमो आदि का पालन करते है उनको भी कुछ लोगो की लापरवाही के वजह से तकलीफ उठानी पढ़ सकती है जिसको हवाई सुरक्षा के मद्देनजर कटाई स्वीकार नहीं किया जायेगा यह सारी बातें विमान वाहक और नियंत्रक के अंतर्गत होंगी ।
उनके एविएशन रेगुलेटर द्वारा एयरलाइंस में जो लोग बिना किसी चेक-इन बैगेज के साथ यात्रा करने वाले ग्राहकों को हवाई किराए में रियायत प्रदान करने का भी कदम उठाया गया है।
भारतीय डीजीसीए ने पहले अपने बयान में कहा था कि "एयरलाइन बैगेज पॉलिसी के हिस्से के रूप में, अनुसूचित एयरलाइनों को मुफ्त सामान भत्ता के साथ-साथ शून्य सामान / चेक-इन बैगेज किराए की पेशकश करने की अनुमति दी जाएगी।"
1) यात्रियों को हवाई यात्रा के दौरान हर समय चेहरे पे मास्क पहनना और सामाजिक सुरक्षा दो गज की दूरी के मानदंडों को बनाए रखना होगा। असाधारण परिस्थितियों के अलावा यदि ऐसी स्थिति होती अहि तो, नहीं किसी भी दशा में मास्क चेहरे के नीचे से नहीं उतारा जाना चाहिए। जो की पूर्ण रूप से वर्जित है।
2) एयरपोर्ट में प्रवेश के समय प्रवेश द्वार पर तैनात CISF तथा अन्य सभी सुरक्षा और पुलिस कर्मी यह निगरानी करेंगी की किसी को भी बिना मास्क पहने एयरपोर्ट में प्रवेश करने की अनुमति नहीं करने देंगी। CASO और अन्य पर्यवेक्षण अधिकारियों को इसे व्यक्तिगत रूप से सुनिश्चित करना चाहिए।
3)हवाई अड्डे के निदेशक / टर्मिनल प्रबंधक, जैसा कि लागू हो, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्री ठीक से मास्क पहने और हवाई अड्डे के अन्दर हर समय उचित सामाजिक दूरी बनाए रखें। यदि ऐसा पाया जाता है तो इस मामले में, कोई भी यात्री "COVID-19 प्रोटोकॉल" का पालन नहीं करता पाया जाता है तो , उन्हें उचित चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सौंप दिया जायेगा। यदि आवश्यक हो, तो उन्हें कानून के अनुसार दण्डित क्या जा सकता है।
4) हवाई यात्रा के लिए हवाई जहाज में सवार होते समय , यदि कोई यात्री बार-बार चेतावनी देने के बाद भी सही तरीके से मास्क नहीं पहनता है, तो उसे हवाई जहाज के प्रस्थान से पहले जरूरत पड़ने पर डी-बोर्ड किया जायेगा। मामले में, विमान में कोई भी यात्री मास्क पहनने से इनकार करता है या "यात्रियों के लिए सीओवीआईडी -19 प्रोटोकॉल" का उल्लंघन करता है, यहां तक कि बार-बार मना करने के बाद भी, उड़ान के दौरान ऐसे यात्री को पैरा में परिभाषित "अनियंत्रित यात्री" के रूप में माना जायेगा। नागर विमानन आवश्यकताओं में से 3.1 (सीएआर) धारा 3 श्रृंखला एम भाग VI (दिनांक 8 सितंबर, 2017) और इस तरह के अनियंत्रित यात्री को संभालने के संबंध में प्रक्रिया, जैसा कि उपर्युक्त कार में प्रदान किया गया है, संबंधित एयरलाइन द्वारा पालन किया जाएगा।
भारत द्वारा साल की सबसे बड़ी कोविद स्पाइक की रिपोर्ट प्रस्तुत--
इस बीच, भारत ने शनिवार को कोरोनोवायरस मामलों में अपने सबसे बड़े दैनिक रिपोर्ट के अनुसार बताया की , पिछले महीने से मुकाबले के रूप में 24,882 नए संक्रमण मामले सामने आयें है।
भारत की कोरोना वायरस के द्रष्टिगत कोविद -19 संक्रमण पिछले साल 19 दिसंबर 2020 के बाद से अब तक का सबसे अधिक 24-घंटे के अन्दर आंकड़े को दर्शाता है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्राजील देश के बाद 11.33 मिलियन के कैसलोएड में वृद्धि कर देता है , जो भारत से काफी आगे है।
फरवरी 2021 की शुरुआत से लगभग 100 के औसत की तुलना में भारत में कोविद -19 महामारी के कारन मरने वालों की संख्या 140 से 158,446 हो चुकी है।
केंद्र सरकार अगस्त 2021 तक देश के 1.3 बिलियन लोगों में से हर एक व्यक्ति को टीका लगाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान चला रहा है। ताकि जहा तक हो सके लोगो को इस महामारी से बचाया जा सके .
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