There may be new social media rules by the Government of India.

हालाँकि भारत को Cairn Energy के खिलाफ माह दिसंबर 2020 में रेस्ट्रोंपेक्टिव टैक्स को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्था के तहत Cairn Energy से हार का सामना करना पड़ा था।
जिसके चलते अदालत ने भारत सरकार को 1.2 बिलियन डॉलर के साथ-साथ ब्याज चुकाने के लिए कहा था। जिसके बाद यह राशी 1.2 बिलियन डॉलर से बढ़कर 1.4 बिलियन डॉलर हो गयी है। उनके उनके द्वारा यह दावा लगाया गया की साल 2006 -2007 व्यापार के आतंरिक पुनर्गठन के तहत भारत द्वारा लगाया गया 10,247 करोड़ का टैक्स सही नहीं है।
कोर्ट ने सरकार को अपने द्वारा बेचे गए शेयर और रोके गए टैक्स रिफंड का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही ब्रिटिश कंपनी Cairn Energy ने अपने मूलधन के साथ ब्याज के रूप में लगायी गयी पेनाल्टी दिलवाने की मांग अमेरिकी अदालत में की है।
ब्रिटिश की कम्पनी Cairn Energy ने भारत सरकार को पत्र लिख कर कहा यदि भारत ऐसा नहीं करता है वेह उसके विदेश में लगे एसेट्स(सम्पत्तिं) भी कब्जे में ले सकती है . और ऐसा करने के लिए वेह मजबूर होगे।
जिसके लिए सुत्रों के मुताबिक Cairn Energy कम्पनी ने भारत के एसेट्स का आंकलन भी करना शुरू कर दिया है। Cairn Energy कम्पनी एयर इंडिया के शिप और जहाज को अपने कब्जे में लेने की योजना बना रही है।
जिसके जवाब में भारत की वित्त मंत्री ने इस माध्यास्था मामलें के खिलाफ उत्तर देने की तैयारी की यह बात उन्होंने 05.03.2021 दिन शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान कही।
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