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RYYADH: हाल
ही में आई खबर के मुताबिक सऊदी अरब देश ने मीडिया के सामने कहा कि दुनिया के कई
सबसे अच्छे तरीके से ढले तेल के ढाँचे पर मिसाइल द्वारा और ड्रोन के माध्यम से हमले
के अंतर्गत आपसी क्षेत्रीय दुश्मनी को बढ़ा रहे या या हम कह सकते है की उनकी जनसंख्या
में वृद्धि हो रही है, जिसने साइबर अटैक के जरिये से कच्चे तेल
की कीमतों बढ़ा दिया है.
अभी
तक सऊदी अरब देश के सुरक्षा एजेंसियों ने अपने प्रेस वार्ता के दौरान कहा की हमारी
तरफ से फ़िलहाल दिन रविवार को प्रयास किये गए हमलों को अच्छे तरीके से रोक दिया गया
है और न ही कच्चे तेल के उत्पादन में किसी
भी प्रकार का कोई प्रभाव पड़ा है. लेकिन ईरान और से उनका समर्थन करने वाले हौथी
विद्रोहियों की और से दावा किया गया है की हो रहे इन हमलों के कारण नई तेल की कीमतों में जनवरी 2020
के बाद पहली बार तेल की कीमल 70 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हुई है जो की आज तक ऐसा
कभी नहीं हुआ .
सऊदी
अरब के खुफिया एजेंसिया इस वारदात के बाद से काफी सतर्क है और सऊदी अरब तेल
प्रतिष्ठानों के खिलाफ हमले के बाद से काफी गंभीर से सोच रहा है और उससे निपटने की
तयारी कर रहा है साथ ही साथ और माह सितंबर साल 2019 में तेल प्रतिष्ठानों के दो
क्षेत्रों में आग लगी थी, जिसके कारण लगभग एक महीने के लिए
उत्पादन में कटौती और राज्य के पेट्रोलियम उद्योग की अलोचानियता को उजागर करना पड़ा
था। जिसके लिए यमन के हौथी लड़ाकों ने उस समय हुए हमले की पूरी जिम्मेदारी ली थी. जिसकी
सूचना के पता चलने के बाद , हालांकि रियाद ने कट्टर समर्थन ईरान पर
उंगली उठाई और उसका विरोध भी किया था।
7
मार्च 2021 दिन रविवार को, सऊदी ऊर्जा मंत्रालय की और से कहा गया
की सऊदी अरब देश के फारस की खाड़ी तट पर स्थित रास तनुरा निर्यात टर्मिनल नमक एक
तेल भंडारण या प्रतिष्ठान के टैंक की जगह पर समुद्र से ड्रोन\मिसाइल द्वारा हमला
किया गया था। राष्ट्रीय तेल कंपनी सऊदी अरामको नमक कम्पनी के कर्मचारियों के लिए
स्थित आवासीय परिसर के पास एक मिसाइल से भी हमला हुआ था। उस जगह पर सऊदी अरब और वहां
पर काम करने वाले प्रवासी कर्मचारियों के परिवारों का भी घर है, और इसके पास में एक अमेरिकी वाणिज्य दूतावास भी स्थित है। ऐसे
में ऐसी विशेष जगह पे हमला होना बेहद ही असंतोष जनक बात है जिसके कारन सऊदी अरब के
साथ-साथ देश के पडोसी मेहमानों को नुकसान पहुँच सकता था .
फारस
की खाड़ी तट पर एक ढहरान नाम शहर है, इसी
जगह पे जहां अरामको का हेडक्वार्टर भी स्थित है, उस
शहर में रहने वाले लोगों ने हुए इस विस्फोट की सूचना तुरंत वहां की सुरक्षा
एजेंसियों को दी, जिस जगह विस्फोट हुआ था वह रास तनुरा
तट से लगभग एक घंटे की दूरी पर है।
सऊदी
ऊर्जा मंत्रालय के एक प्रवक्ता की ओर से कहा गया की, "दोनों
हमलों में किसी भी तरह की चोट या जान-माल की हानि नहीं हुई है।" वहां पे हमले के समय स्थित गवाहों
और लोगो ने भी अपने बयान में कहा की तेल के उत्पादन में हमले से कोई नुकसान नहीं
पहुंचा है।
ब्रेंट
क्रूड आयल 8 मार्च 2021 दिन सोमवार की तुलना में 2.9% बढ़कर 71.37 डॉलर प्रति बैरल
हो गया, जो की माह जनवरी 2020 के बाद सबसे अधिक मूल्य
था।
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रास
तनुरा जो की दुनिया का सबसे बड़ा तेल टर्मिनल है जिसकी कैपिसिटी काफी अधिक है , जो एक दिन में लगभग 6.5 मिलियन बैरलों का आयात और निर्यात करने
में सक्षम है - लगभग 7% तेल की मांग - और जैसे कि भारी सुरक्षा आदि। बंदरगाह में
एक काफी छमता वाला टैंक फार्म शामिल है जहां कच्चे तेल को सुपर-टैंकर में पंप करने
से पहले रखा और संरक्षित किया जाता है। उसी जगह
पर तेल की रिफाइनरी के लिए अरामको की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी जगह है।
2015
के बाद से सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन हौथियों जैसे समर्थनो से लड़ता चला आ रहा है।
इस संघर्ष ने दस हज़ार से भी ज्यादा लोगों की जान ले ली है और इसने यह ट्रिगर किया
है कि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दुनिया का सबसे खराब मानवीय संकट क्या है?
रविवार
को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि ईरान के हौथियों के समर्थकों के पदनाम को रद्द करने के लिए अमेरिका ने अपने फैसले
में कहा कि आतंकवादियों ने हमलों में वृद्धि को बढ़ावा दिया था। संयुक्त राष्ट्र में
पड़ी अकाल की वार्निंग के बाद अमेरिका के बिडेन प्रशासन पदनाम को खोदने के लिए ट्रान्सफर
हो गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने राष्ट्रपति के
रूप में ईरान की और से बढ़ते मत भेद को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन में कुछ अहम् कदम
भी उठाए थे। अपने अभियान के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति बिडेन ने ईरान देश और
विश्व शक्तियों वाले देश के बीच एक परमाणु समझौते को फिर से शुरू करने का संकल्प
लिया था ।
"कम्पीटीशन
ऑन द हाउसी अटैक, अमेरिका ने इजरायल देश के साथ परमाणु
समझौते पर बातचीत करने के लिए बिडेन प्रशासन के प्रयासों को और अधिक कामयाब और मजबूत
बनाएगा," न्यूयॉर्क में RBC नामक कैपिटल मार्केट्स में वैश्विक कमोडिटी योजना
में और MENA अनुसंधान के प्रमुख, हेलेमा क्रॉफ्ट ने भी अपने एक शोध के नोट में इस बात का जिक्र
करते हुए लिखा है।
सऊदी
अरब के सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए, विशेष
रूप से यमन से सीमा पार खतरे का हवाला देते हुए, बिडेन
प्रशासन को बहुत ही मुश्किल स्थिति में रखा गया था, क्योंकि
हमलों में महत्वपूर्ण हालातों या बुनियादी ढांचे की क्षति हुई थी।
आपसी
गठबंधन ने यमन की राजधानी सना पर रविवार को भी जवाबी हवाई हमले किए। उसने कहा कि यमन द्वारा राज्य में लॉन्च की गई
मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया, जैसे ईरान के हौथी विद्रोहियों समर्थकों
ने कई हमलों का दावा किया था - जिसमें रास तनुरा में हुआ हमला भी शामिल था।
इस
समूह ने सऊदी अरब के विरोध में 8 बैलिस्टिक मिसाइलों और 14 आत्मघाती ड्रोनों को लॉन्च कर हमला किया था, जो बात ईरान समर्थक हौथीस के प्रवक्ता याह्या सारी ने अल
मसिराह टेलीविजन में एक बयान के दौरान कहा, जो
की पूरा संगठन एक पुरे समूह द्वारा चलाया जाता है।
इन
विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमले तेज कर दिए हैं और उन्होंने पिछले सप्ताह दावा
किया कि उन्होंने ही जद्दा में एक अरामको ईंधन डिपो को एक क्रूज मिसाइल और एक
सैन्य अड्डे के साथ मारा था। लेकिन उनकी बातों से यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि
कितना नुकसान हुआ है। हालांकि इस तरह के हमलों में शायद ही कभी व्यापक नुकसान होता
है, उनकी इस हरकत ने सऊदी और अन्य देशो में
बेचैनी पैदा की है, तेल और शिपिंग बाजारों को भी काफी प्रभावित
किया है।
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